हिंदुस्तान को चमत्कारों का देश कहें तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। यहां चमत्कारों पर विश्वास किया जाता रहा है, उन्हें पूजा जाता है। इतिहास में कई ऐसी कहानियां दर्ज हैं जो इस वैज्ञानिक युग में भी चमत्कारों पर विश्वास दिला जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी है बुलेट मंदिर की। अपनी मन्नतें लेकर भक्तों को मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए जाते को सभी ने देखा है लेकिन क्या कभी किसी ऐसे मंदिर के बारे में सुना है जहां भगवान नहीं बुलेट की पूजा होती हो। पाली-जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है ये दुनिया का सबसे अनोखा और एक मात्र बुलेट मंदिर। मान्यता है कि यहां मनोकामना मांगने से पूरी होती है।
ओम बन्ना का है बुलेट
जितना दिलचस्प इस मंदिर का नाम है, उतनी ही दिलचस्प इसके पीछे की कहानी भी है। इस मंदिर का नाम बुलेट मंदिर पड़ने का कारण हैं ओम बन्ना। इस मंदिर में जिस बुलेट की पूजा की जाती है वो ओम बन्ना की ही है। ओम बन्ना एक पवित्र दर्शनीय स्थल है जो पाली जिले में स्थित है ये पाली शहर से मात्र बीस किमी दूर है यहां लोग सफल यात्रा और मनोकामना मांगने के लिए दूर-दूर से आते है। यहां ओम बन्ना एक बुलेट के रूप में पूजे जाते है।
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पवित्र आत्मा आज भी लोगों रक्षा करती है –
अतः ग्रामीणों और पुलिस वालों ने चमत्कार मान कर उस बुलेट को वहीं पर रख दिया। उस दिन से आजतक वहां दूसरी कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई जबकि पहले ये स्थान राजस्थान के बड़े दुर्घटना क्षेत्रों में से एक था। माना जाता है कि ओम बन्ना की पवित्र आत्मा आज भी लोगों को अपनी मौजूदगी का एहसास कराती है। आज भी रोहट थाने के नए ठाणेदार जोइनिंग से पहले वह धोक देते है। ये स्थान पाली-जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। यहां आज भी वही बुलेट मौजूद है और ओम बन्ना का चबूतरा भी है जहां उनका एक्सीडेंट हुआ था। यहां दिन रात जोत जलती रहती है और ग्रामीण यहां नारियल, फूल और चढ़ावा चढ़ाते हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं और ओम बन्ना ने अपनी मुरादें मांगते हैं।
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