आपने कई मंदिरों के बारे में सुना होगा। लेकीन आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं उसकी हकीकत अपने आप में एक अनसुलझे रहस्य की तरह है। इस मंदिर न तो कोई इंसान जाता है और नही कोई जानवर। कहतें है की इस मंदिर में सूर्यास्त बाद जो भी गया वो कभी ज़िन्दा लौट के नही आ सका। आलम कुछ ऐसा है की इस मंदिर आज से नही सैकड़ो सालों से कोई भी नही गया और आखिर क्या है मंदिर में ऐसा।

उत्तर प्रदेश के कानपूर में एक ऐसा मंदिर है जो सदियों से बंद पड़ा हुआ है लोगों में इस मंदिर को लेकर ऐसा डर है की कोई कभी हिम्मत तक नही करता है की वो इस मंदिर झांके की क्या है। कहतें हैं की इस मंदिर में जो इंसान रात के समय रुका उसकी मौत निश्चित हो जाती है। गांव के लोगो का कहना है की उनकी तीन पीढियों ने इस मंदिर की तरफ कभी देखा नही है। वैसे मंदिर के निर्माण की अगर बात करें तो इसका निर्माण 5वी सदी में किया गया था और चन्द्रगुप्त मौर्य के समय में हुआ था। यह भी पढ़ें :  45 किलों का यह रामसेतु का पत्थर तैर रहा है आज भी, देखें तस्बीरे

कहतें हैं की इस मंदिर के भीतर भगवान विष्णु के वामन अवतार की मूर्ति है और यहां पर प्रचलित कहानियों के अनुसार किसी जामने में इस मंदिर के चारो तरफ विशाल और घना जंगल हुआ करता था। उस वक्त कुछ बंजारों की नजर इस मंदिर पर पड़ी और उन्होंने यहां पर रात रुकने का फैसला किया और दुसरे दिन उनका पूरा परिवार मौत की आगोश में समा चूका था। उस वक्त से लेकर आज तक इस मंदिर में फिर कोई नही गया। फिलहाल मंदिर की देख-रेख अब पुरातत्त्व विभाग के अधीन है।

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