बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर ने 20-12-2016 को मुंबई के Breach Candy Hospital में बेटे को जन्म दिया। बॉलीवुड के कई सितारे उनसे मिलने के लिए जा रहे हैं।करीना और सैफ ने अपने बेटे का नाम तैमूर अली खान पटौदी रखा है। आपको बता दें कि ये नाम उज्बेकिस्तान के खूंखार लुटेरे तैमूरलंग की याद दिलाता है, जो क्रूरता और अत्याचार के लिए मशहूर था। तैमूर ने 14वीं सदी में भारत के दिल्ली और कश्मीर में भी जमकर लूटपाट की थी। सिर्फ 15 दिन में ही उसने दिल्ली में लाशों के ढेर बिछा दिए थे।

 

कौन है तैमूरलंग?

तैमूर का जन्म 1336 में उज्बेकिस्तान के शाहरिसब्ज सिटी में एक आम मुस्लिम परिवार में हुआ था। उज्बेकिस्तान सोवियत यूनियन का हिस्सा था। तानाशाही शासन की वजह से देश के हालात अच्छे नहीं थे। धीरे-धीरे उसने अपनी गैंग बना ली। गैंग बनाने के बाद तैमूर ने बड़ी-बड़ी लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया और इस तरह वह खूंखार लुटेरा बन गया।

 

तैमूर ने सबसे पहले सन 1380 में इराक की राजधानी बगदाद पर हमला बोला था, जहां हजारों लोगों का कत्ल कर उनकी खोपड़ियों के ढेर लगा दिए थे। तैमूर ने एक के बाद एक कई खूबसूरत राज्यों को खंडहर में तब्दील करना शुरू कर दिया। तैमूर ने भारत के दिल्ली और कश्मीर में भी जमकर लूटपाट की थी। 15 दिन में ही उसने दिल्ली में लाशों के ढेर लगा दिए थे। खूनी योद्धा के रूप में मशहूर तैमूर ने 14वीं शताब्दी में कई देशों में जीत हासिल कर ली थी। अपाहिज होने के बावजूद तैमूर अपनी आखिरी सांस तक किसी से नहीं हारा। उसकी मौत 1405 में बीमारी के चलते उस वक्त हुई, जब वह चीन पर हमला करने जा रहा था।

तैमूरलंग ने बचपन से ही चोरी करना शुरू किया

तैमूर के बारे में कहा जाता है कि परिवार की माली हालत के चलते तैमूर ने बचपन से ही छोटी-मोटी चोरियां शुरू कर दी थीं। तमूर कई बार पकड़ा भी गया और कई बार पिटा भी लेकिन वो अपनी इस हरकत से बाज़ नहीं आया। तैमूर ने बचपन में ही बच्चों की गैंग बना ली थी, जो चोरी करने में उसकी मदद करती थीं। गैंग बनाने के बाद तैमूर ने बड़ी-बड़ी लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया और इस तरह वह खूंखार लुटेरा बन गया। तैमूर ने अपने साथियों की मदद से कई देशों को भी जीता था।

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तैमूर ने दिल्ली और कश्मीर में लगा दिया था लाशों का ढेर

तैमूर को भारत की दौलत से बहुत प्यार था और वह कश्मीर के रास्ते दिल्ली तक पहुँच गया था। दिल्ली में उस समय सुल्तान राज करता था, लेकिन इसकी रियासत सरहद पर मंगोलों से बराबर लड़ाई करते-करते कमजोर हो चुकी थी। इसलिए जब तैमूर मंगोलों की फौज लेकर यहां पहुंचा तो दिल्ली के सुल्तान की सेना उसका सामना नहीं कर सकी। तैमूर ने दिल्ली में जमकर कत्लेआम मचाया और लूटपाट की। इतिहासकारों की मानें तो दिल्ली में वह 15 दिन रहा और उसने पूरे शहर को कसाईखाना बना दिया। इसके बाद वह कश्मीर में लूटपाट मचाकर वह समरकंद वापस लौट गया था।

सबसे पहले सुल्तान तुर्की पर किया था हमला

तैमूर ने कई कई देशों में लूटपाट करके न सिर्फ दौलत ही जमा की, साथ में उसने एक विशाल सेना भी तैयार की थी। तैमूर एक तेज दिमाग व बहादुर लीडर भी था, जिसके चलते सैनिक उसका बहुत सम्मान करते थे। तैमूर ने 1402 में तुर्की के सुल्तान बायाजिद प्रथम के खिलाफ जंग छेड़ी थी। वह हर जंग में अगली लाइन में खड़ा होता था और यह बात सैनिकों के दिल में जोश पैदा कर देती थी।

जंग के दौरान उसको एक हाथ की उंगलियाँ भी गंवानी भी पड़ी

तैमूर ने लूटपाट के दौरान जवानी में अपने दाएं हाथ की उंगलियां गंवा दी थी। वह सिर्फ एक हाथ से ही भारी-भरकम तलवार से लड़ता था। एक जंग के दौरान उसका दाहिना पैर भी बेकार हो गया था। 14वीं शताब्दी में तैमूर के दुश्मन जिनमें तुर्की, बगदाद और सीरिया के शासक उसका ‘लंगड़ा’ कहकर मजाक उड़ाते थे, लेकिन जंग के मैदान में ये कभी भी तैमूर को हरा नहीं पाए। तैमूर ने अपनी विकलांगता को कमजोरी नहीं बनने दिया। तैमूर एक के बाद एक जंग लड़ता रहा और वह साड़ी जंग जीतता गया।

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