अपने देश में ऐसे बहुत से स्थान हैं जो किसी न किसी विशेषता से जुड़े हैं। इस प्रकार के स्थान लोगों में न सिर्फ प्रसिद्ध बल्कि खौफनाक भी माने जाते हैं

अपने देश में ऐसे बहुत से स्थान हैं जो किसी न किसी विशेषता से जुड़े हैं। इस प्रकार के स्थान लोगों में न सिर्फ प्रसिद्ध बल्कि खौफनाक भी माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ये गुफा बहुत प्रसिद्ध हैं, पर साथ ही इसे खतरनाक भी माना जाता है। असल में यह एक गुफा है जो कि हिन्दू धर्म की धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी है। ऐसा माना जाता है कि आज तक जो भी इस गुफा के अंदर स्थित सुरंग में गया वह कभी वापस नहीं आ पाया। जम्मू में एक ऐसी गुफा है, माना जाता है कि इसमें देवों के महादेव भगवान शिव का वास है। अमरनाथ व वैष्णों देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु इस गुफा में दर्शन के लिए जरूर जाते हैं।

एक मीटर चौड़ी व 200 मीटर लंबी और तीन मीटर ऊंची इस गुफा में अंदर सांसे तक थम जाती हैं। इस प्राकृतिक गुफा में एक शिवलिंग है। जो करीब चार मीटर का है। एक बार में करीब 300 भक्त ही गुफा में प्रवेश कर पाते हैं। गुफा के अंदर कई प्राकृतिक चीजें हैं। इसके अंदर मां पार्वती, गणेश जी और नंदीग्राम हैं। गुफा की छत पर सांप की आकृति बनी हुई है। माना जाता है कि इस गुफा में देवों के महादेव भगवान शिव का वास है। अमरनाथ गुफा के दर्शन करने वाले श्रद्धालु इस गुफा के दर्शन करने के लिए जरूर जाते हैं।

ऐसी मान्यता है कि इस सुरंग का दूसरा छोर बाबा अमरनाथ बर्फानी की गुफा में जाकर खुलता है। द्वापर युग में साधु संत इस सुरंग से होकर ही अमरनाथ को जाते थे, पर कलयुग में इस सुरंग में जिसने प्रवेश किया वह कभी नहीं लौटा। ऐसा कहा जाता है कि एक बार कुछ साधुओं का समूह इस गुफा के कोने में बनी सुरंग से अमरनाथ की यात्रा के लिए निकला था पर फिर कभी लौटकर नहीं आ पाया। वर्तमान में इस सुरंग को बंद कर दिया गया है, लेकिन अमरनाथ की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं में आज भी इस गुफा व सुरंग के प्रति श्रद्धा देखी जा सकती है। यह गुफा जम्मू में स्थित है और अमरनाथ यात्रा के दौरान ही रास्ते में पड़ती है। इस गुफा को “शिव खोड़ी” नाम से भी जाना जाता है। इस गुफा की आंतरिक संरचना की बात करें तो यह गुफा 3 मीटर ऊंची और 200 मीटर लंबी है। इस गुफा में एक शिवलिंग भी स्थित है जो कि प्राकृतिक है। यह शिवलिंग 4 मीटर का है।

 

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