गरुड़ पुराण में बहुत सारी ऐसी बातों का वर्णन किया गया है, जिनका पालन करने से सुखी-समृद्ध जीवन यापन किया जा सकता है। कैश से लेकर ऐश तक हर इच्छा पूरी करने के लिए ध्यान रखें ये बातें
गाय
गाय माता को भारतीय संपदा का अति विशिष्ट स्तम्भ कहा गया है। जिन्हें केवल मां का रूप ही नहीं माना जाता बल्कि उसकी पूजा-अर्चना भी की जाती है। गरुड़ पुराण के अनुसार

गोमूत्रं गोमयं दुन्धं गोधूलिं गोष्ठगोष्पदम्।
पक्कसस्यान्वितं क्षेत्रं द्ष्टा पुण्यं लभेद् ध्रुवम्।।

अर्थात- गोमूत्र, गोबर, गोदुग्ध, गोधूली, गोशाला, गोखुर और पके हुए हरे-भरे खेत नजर भर देख लेने से पुण्य प्राप्त होता है।

प्रतिदिन गाय कि पूजा करेंगे या उन्हें घर पर बनने वाली पहली रोटी अर्पित करेंगे तो उसका फल लक्ष्मी कृपा के रूप में मिलेगा।
तुलसी
पत्रं पुष्पं फलं मूलं शाखा त्वक् स्कन्धसंज्ञितम्।
तुलसीसंभवं सर्वं पावनं मृत्तिकादिकम्।।

अर्थात तुलसी का पत्ता, फूल, फल, मूल, शाखा, छाल, तना और मिट्टी आदि सभी पावन हैं। अपने घर में एक तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। इसे उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्वी दिशा में लगाएं या फिर घर के सामने भी लगा सकते हैं। तुलसी का धार्मिक महत्व तो है ही लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी तुलसी एक औषधि है।
गंगा जल
घर में गंगा जल अवश्य रखें, प्रतिदिन घर के उत्तर तथा पूर्व की दिशा काे गंगा जल डालकर शुद्ध करें।
घर में पूजन
प्रत्येक हिंदू घर में अपने इष्ट के लिए पूजनीय स्थान की स्थापना की जाती है। अपने सामर्थ्य के अनुसार कुछ घरों में छोटे-छोटे मंदिर बनवाए जाते हैं तो कुछ में देवी- देवताओं के भव्य स्वरूपों की स्थापना की जाती है। सुबह और शाम को घर के मंदिर में पूजा करने से हमारे भीतर सकारात्मक उर्जा का संचार होता है और नकारात्मकता खत्म हो जाती है। जिस घर में विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है वहां सभी दैवीय शक्तियां अपना स्थायी बसेरा बनाती हैं।
मेहमान का सम्मान
भारत में मेहमान को भगवान का रूप मानकर उनका आदर-सत्कार करने की पंरपरा प्राचीनकाल से ही चली आ रही है। शुद्ध तन और मन से मेहमान की सेवा करें। अशुद्ध अवस्था में की गई सेवा का फल प्राप्त नहीं होता। जिस घर में साधु-संतों का आगमन होता है, उस घर में दैवीय शक्तियां अपना बसेरा बनाकर रखती हैं।
एकादशी व्रत
जिस घर-परिवार में श्रद्धा भाव से एकादशी व्रत का पालन किया जाता है, वहां कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।

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