कहने को मां दुर्गा के नौ स्वरूप हैं, लेकिन उनकी महिमा और उनसे जुड़ी कथा अपरंपार है। आदि शक्ति मां भगवती का ऐसा ही एक अनोखा मंदिर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में है। मान्यता है कि यहां स्थित मंदिर में एक दिन में देवी तीन रूप बदलती हैं।
बैतूल जिले के छावल गांव में मां के इस धाम को मां रेणुका धाम छावल के नाम से जाना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, मां रेणुका की प्रतिमा सुबह से लेकर शाम होने तक तीन रूप में नजर आती है। सुबह बालिका रूप, दोपहर को युवा रूप में और शाम ढलते ही वह वृद्ध रूप में नजर आने लगती हैं।

कथाओं के अनुसार, पहाड़ी पर बना यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना है। मां रेणुका की जो प्रतिमा मंदिर में स्थापित है, वह यहीं से प्रकट हुई थी। मंदिर के प्रारंभ से लेकर अब तक गोस्वामी परिवार ही यहां पूजा करता चला आ रहा है। गोस्वामी परिवार की ये पांचवी पीढ़ी है, जो मंदिर में पूजा के साथ-साथ देख-रेख का भी काम करती है।

मंदिर के पुजारी बताते हैं कि माता के दरबार में जो भी विवाहित स्त्री संतान प्राप्ति के लिए मन्नत मांगती है, उसकी मन्नत माता रानी जरूर पूरी करती हैं। मां के चमत्कार को देखकर यहां सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। कहते हैं कि जिस पर माता रानी की कृपा होती है, वही यहां आकर मां के दर्शन कर पाता है।

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