ये विनम्र महिला अपना 117वां जन्मदिन मना रहीं हैं.
एमा अपनी ज़िन्दगी में तीन सदियां देख चुकी हैं, जिसमें शामिल है एक अपमानजनक शादी से निकलना, जो एक ब्लैकमेल से शुरू हुई थी. उनकी ज़िंदगी में इकलौते बेटे की मौत और एक तय डायट जिसे संतुलित आहार कहा जा सकता भी शामिल हैं.
एमा मॉरेनो अपने आठ भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं, जिनमें सर्फ़ वही जीवित हैं. इनका जन्म 29 नवंबर 1899 में इटली के पीडमौन्ट में हुआ था.
अमरीका की सुसन्ना मुशत जोन्स की मई में मृत्यु के बाद एमा इस साल आधिकारिक तौर पर दुनिया की सबसे अधिक उम्र की जीवित महिला बन गईं हैं. वो 19वीं सदी में जन्म लेने के बाद 21वीं सदी तक जीवित रहने वाली आख़िरी महिला भी हैं.
एमा मानती हैं कि उनकी लंबी उम्र कुछ हद तक आनुवांशिक है. उनकी मां 91 साल तक जीवित रहीं, और कई बहनों ने अपने जीवन के 100 साल पूरे किए.
उनका दावा है कि पिछले क़रीब 90 साल से हर रोज़ वो तीन अंडे, जिनमें से दो कच्चे अंडे हैं. ये नियम उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के कुछ दिनों बाद तब शुरू किया जब वो जवान थीं और डॉक्टर ने बताया कि उन्हें एनीमिया यानी ख़ून की कमी है.
आजकल वो दो अंडे और कुछ बिस्कुट खा लेती हैं.
पिछले 27 साल से उनके डॉक्टर रहे कार्लो बावा ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि उनका खाना किसी भी तरह से सेहतमंद ज़िन्दगी के लिए सही नहीं ठहराया जा सकता है.

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उन्होने बताया, ”एमा हमेशा बहुत थोड़ी सब्ज़ियां खाती हैं, बहुत कम फल खाती हैं. जब मैं उनसे मिला वो हर रोज़ तीन अंडे खाती थीं. दो कच्चे अंडे सुबह, दोपहर में एक ऑमलेट और रात में कुछ चिकन खाती थीं.”
उन्होंने देखा इसके बावजूद भी वो लंबा जी रही हैं.
एक और बात है जिसे एमा अपनी लंबी उम्र का श्रेय देती हैं, वो है 1938 में अपने छह महीने के बेटे की मौत के एक साल बाद पति को छोड़ देना.
एमा के मुताबिक़ उनकी शादीशुदा ज़िंदगी कभी अच्छी नहीं रही. उन्हें एक लड़के से प्यार था जो प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मारा गया और वो किसी और से शादी करने की इच्छुक नहीं थीं.

लेकिन उन्होंने 112 साल की उम्र में ला स्टेम्पा को एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पास बहुत कम विकल्प थे.
वो कहती है, ”उसने मुझसे कहा- अगर तुम ख़ुशक़िस्मत हो तो मुझसे शादी कर लो वर्ना मैं तुम्हें मार डालूंगा. मैं तब 26 साल की थी. मैंने शादी कर ली.”
जब बुरा बर्ताव बहुत ज़्यादा हो गया तो एमा ने अपने पति को छोड़ दिया. हांलाकि 1978 में अपने पति की मौत तक उनकी शादी बरक़रार थी. तब एमा 75 साल की थीं. उन्होने दोबारा शादी ना करने का फ़ैसला किया था.
उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया ”मैं किसी से भी दब कर नहीं रहना चाहती थी.”
एमा की इस दृढ़ता भरी कहानी को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया. ये म्यूज़िकल प्ले उत्तरी इटली के शहर वरबेनिया में प्रस्तुत किया गया.
इस प्ले के लेखक का कहना है, ”ये घरेलू हिंसा के ख़िलाफ़ उनकी बग़ावत और महिला के साहस को दिखाता है.”

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