इस मंदिर में प्रार्थना करने पर वर्षा अवश्य आती हैं…

देवभूमि कुल्लू में देवी-देवताओं का इतिहास व परंपराएं चौंकाने वाली हैं। जिला मुख्यालय से सटी लगघाटी की देवी फुंगणियों की भी अपनी ही परंपराएं और कड़े नियम हैं। देवी फुंगणियों के सख्त

देवभूमि कुल्लू में देवी-देवताओं का इतिहास व परंपराएं चौंकाने वाली हैं। जिला मुख्यालय से सटी लगघाटी की देवी फुंगणियों की भी अपनी ही परंपराएं और कड़े नियम हैं। देवी फुंगणियों के सख्त निर्देश पर मंदिर के अंदर मूल स्थान के समीप महिलाओं के प्रवेश करने की मनाही है। यहां तक कि कन्या को भी अंदर जाने की आज्ञा नहीं है।

इसके अलावा शराब, बीड़ी, खैनी और चमड़े का प्रवेश निषेध है। यहां तक कि माता का भोग भी गैस पर नहीं बनाया जाता है। देवी फुंगणियों का वास स्थान ऊंचे स्थानों पर होता है। देवलू फुंगणियों को दुर्गा का रूप मानते हैं। माना जाता है कि ये फुंगणियां 7 बहनें हैं। कुछ लोग इन्हें स्वर्ग से उतरी परियां भी मानते हैं। फुंगणियां वर्षा देने वाली देवियां मानी जाती हैं। इनके द्वारा प्रार्थना स्वीकार करने पर वर्षा अवश्य आती है।

cc.jpg

कहते हैं कि पुराने समय में कुल्लू के राजा अपना प्रतिनिधि भेजकर सालू और डोरी त्यून देवी को प्रस्तुत कर वर्षा के लिए प्रार्थना करता था तो धर्म सौह शालंग तक वापस पहुंचने पर वर्षा हो जाती थी। आज भी जब हारियान क्षेत्र में सूखा पडऩे लगता है तो कारकून माता फूंगणियां के मूल स्थान पर जाकर सालू और डोरी प्रस्तुत कर बारिश की प्रार्थना करते हैं। लगघाटी में फुंगणियां विशिष्ठ नाम से भी जानी जाती हैं। फुंगणी के स्थान त्यून कशाम्टी, लियाणी, फलाण, धारा, गोहीधार, सारीधार, तारापुर और महाराजा में हजारों लोग अटूट आस्था रखते हुए तथा पम्पराओं को सदियों से निभा रहे हैं।

मान्यता है कि फुंगणी झुणी कुंडा स्थान पर जाकर वहां से बादलों को लाकर वर्षा करवाती हैं। विचित्र बात यह भी है कि माता फुंगगियों का प्रतीक चिन्ह 40 साल के बाद एक ही दिन मंदिर से बाहर निकलता है तो आसमान में एकदम बादल छा जाते हैं या फिर बारिश हो जाती है। देवता पंचाली नारायण ग्रामंग के पुजारी ध्यान सिंह ने कहा कि माता फुंगणी के हारियान क्षेत्र में कारकून माता के प्रति अटूट श्रद्धा रखते हैं। इसी का परिणाम है कि माता के निर्देश पर पीढ़ी दर पीढ़ी पालन करते हुए चमड़ा, बीड़ी व तम्बाकू आदि गांव में नहीं लाए जाते हैं।

 

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s