भारत का सर्वप्रमुख धर्म हिन्दू धर्म है, जिसे इसकी प्राचीनता एवं विशालता के कारण ‘सनातन धर्म’ भी कहा जाता है। भारत में नदी, पर्वत, पहाड़, पेड़, पत्ते, और जीव हर चीज़ को हिन्दू धर्म से जोड़ा गया है। भारत की बारिश से लेके हवा के झोके तक, सब में हिन्दू धर्म का प्रवाह दिखाई देता है। जहाँ हर चीज हिन्दू धर्म से जुड़ी है, वही भारत में कुछ किताबें भी इतनी प्रभाव शाली है जो किसी भी इंसान की सोच को हिन्दू धर्म की बना देती है। यें किताबें धर्म का नहीं बल्कि अच्छे इंसान के गुणों का प्रचार करती है फिर भी इस्लाम समेत दुसरे धर्म में इन किताबो को प्रतिबंधित किया जाता है। तो आइये जानते है, यें किताबें कौन कौन सी है

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चार वेद-

ऋग्वेद – अथर्ववेद – यजुर्वेद – सामवेद हिन्दू धर्म में चार वेद है – ऋग्वेद, अथर्ववेद, यजुर्वेद और सामवेद, जिनमें अलग अलग तरह का ज्ञान और बाते लिखी है। ये भी पढें : विश्व की कुछ प्रसिद्ध हस्तियाँ जिन्होंने पैतृक धर्म त्याग हिन्दू धर्म अपना लिया यह चारो पुस्तक प्रभावशाली हैं, जो इंसान को मनुष्य बनने की शिक्षा देती हैं। जो इंसान इन पुस्तको को पढ़कर समझ जाता है, वह किसी भी धर्म का क्यों ना हो खुद को हिन्दू धर्म में परिवर्तित कर ही देता है।

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श्रीमद्भगवद्गीता –

श्रीमद्भगवद्गीता में जीवन का सार, राजनीति और मानवजीवन से जुड़ी सभी तरह का ज्ञान छुपा हुआ है। इस पुस्तक को जो इंसान समझ लेता है, वह खुद को हिन्दू धर्म में ढाल कर हिन्दू धर्म का पालन करने लगता है और खास तौर से भगवान श्री कृष्ण भक्ति में डूबने लगता है। रामायण रामयण एक आदर्श पुरुष, आदर्श स्त्री, उच्च जीवन, उच्च चरित्र, उच्च आदर्श, कर्तव्य और जीवन से जुडी हर समस्या का समाधान है। ये किताब इंसान को अच्छा मनुष्य बनने की शिक्षा देता है। ये भी पढें : जानें इस महान योद्धा के बारे में जिसके कारण आज हिन्दू धर्म जिंदा है इस किताब को समझने वाला इंसान खुद को हिन्दू धर्म से जोड़ देता है और बाकी सब भूलकर हिन्दू धर्म को ही जीवन पद्दति मानने लगता है।

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सत्यार्थ प्रकाश –

हिन्दू संत दयानंद सरस्वती द्वारा लिखी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में हिन्दू धर्म का महत्व, कर्तव्य और ऐसी ऐसी बाते लिखी है कि इस किताब को पढ़ने के बाद इंसान हिन्दू धर्म में खो जाता है। वर्तमान में इस्लाम में इस पुस्तक को प्रतिबंधित कर दिया गया है क्योकि इसको पढ़ने वाले लगभग सभी मुसलमान हिन्दू बन ही जाते है। यें किताबें केवल हिन्दू धर्म का प्रचार ही नहीं करती, बल्कि इंसान को अच्छे मानव बनने की शिक्षा देती है। यें किताबें पढ़ने वाला चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों ना हो, खुद को हिन्दू धर्म में अपने आपको विलीन कर देता है। अपने आपको हिन्दू धर्म में बदलकर मानव धर्म का पालन करने लग जाता है।

 

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