जीते तो सभी लोग है पर जो दूसरो के लिए जीए वही जिंदादिल इंसान कहलाता है। ऐसी ही मिसाल बनकर उभरे हैं वानियमबाड़ी में रहने वाले नागराज, जो हर गरीब लाचार लोगों की सेवा करने के साथ उन्हें मुफ्त में पेट भर भोजन कराते हैं। येलागिरि होटेल नाम के इस रेस्तरां को वो 25 सालों से चला रहें हैं। इस रेस्तरां में वो उन लोगों का पेट भरते है जो बिल्कुल निसहाय और गरीब है, जिनके पास खाने को पैसा भी नहीं है। वे इस होटल से बिना किसी स्वार्थ के लोगों का भला कर रहें हैं।

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येलागिरि होटेल नाम के इस रेस्तरां को नागराज रोज सुबह 8 से 11 बजे तक के लिए खोलते है और इसी बीच वो दिव्यांग गरीबों के अलावा लगभग 100 बुजुर्गों को भी खाना खिलाते हैं। इनके रेस्तरां में गरीब बच्चों के लिए दूध भी दिया जाता है। सप्ताह में एक दिन उन बच्चों को पेन, पेंसिल भी बांटी जाती है। इस रेस्तरां में स्टूडेंट्स लोगों को 50 प्रतिशत खानें में छूट दी जाती है। इसके बारे में जब होटल के मालिक से पूछा गया तो उन्होनें बताया कि “पैसा कमाने के लिए नहीं है, पैसा जीवन जीने के लिए जरूरी है।” नागराज पिछले 25 साल लोगों को इस तरह की सेवाएं दे रहें हैं।
जोलारपेट्टाई रेलवे जंक्शन, तमिलनाडु और कर्नाटक, आंध्रप्रदेश को जोड़ने वाला एक बड़ा जंक्शन है। जिसमें बड़ी तदाद में लोग अपने परिवार के बड़े बूढ़ों को अपने निजी स्वार्थ के कारण यहां पर छोड़ कर चले जाते है। जो भूखे प्यासे इधर-उधर भटकते रहते हैं। जिनकी सेवा नागराज के द्वारा की जाती है।

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