कॉलेज या ऑफिस के साथ वाली चाय की दुकान से जैसे ही चाय पीने के बाद आप दुकानदार को 10 रुपये का सिक्का पकड़ाते हैं, वो झट से उसे नकली कह कर लेने से मना कर देता है. ऐसी सूरत में दुकानदार से कई बार बहस होने के बावजूद आखिर में हार मान कर उसे दूसरा नोट पकड़ाना पड़ता है. वैसे तो ये बात हम उसी समय भूल जाते हैं और सिक्के का इस्तेमाल किसी और दुकान पर कर लेते हैं. दिल्ली में 10 के नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह के बारे में आपने अख़बारों या न्यूज़ चैनलों में देखा ही होगा. इसके बावजूद हम इस बात पर गौर नहीं करते कि आखिर एक चाय वाला कैसे बता देता है कि कौन-सा सिक्का असली है और कौन-सा नकली? आपको यह बात परेशान करने वाली ज़रूर लगे, पर आज हम आपकी इसी परेशानी का हल लेकर आये हैं, जिससे आप भी असली और नकली सिक्कों के बीच अन्तर आसानी से कर पाएंगे.

असली और नकली सिक्कों की पहचान के साथ ही हम आपको एक और काम की बात बता रहे हैं. कई शहरों में इस तरह की अफ़वाह फैली हुई है कि 10 रुपये के सिक्के बंद हो गए हैं, जबकि बैंक अधिकारी इस बात को साफ़ तौर पर नकार चुके हैं. इस अफ़वाह के बारे में बैंक के एक अधिकारी आर. सी. नायक का कहना है कि “अगर कोई व्यक्ति 10 के सिक्कों को लेने से मना करता है, तो उस पर आईपीसी की धारा 489A और 489E के तहत केस दर्ज किया जायेगा.”

सिक्के की पहचान करने के लिए आप इसके ऊपर देखें, असली सिक्के के ऊपर आपको रुपये का साइन दिखेगा, जबकि नकली सिक्के में केवल 10 का अंक लिखा हुआ नज़र आएगा.

a.jpg

असली सिक्के में अंक के ऊपर 10 पट्टियां बनी हुई हैं, जबकि नकली सिक्के में नकलदारों ने 15 पट्टियां बनाई हैं.

aa.jpg

असली और नकली सिक्कों के बीच सबसे आसान पहचान यह है कि असली सिक्के के दोनों ओर भारत और इंडिया लिखा हुआ है, जबकि नकली सिक्के में ये एक साथ ऊपर की तरफ लिखा हुआ है.

aaa.jpg

 

Advertisements