पीएम मोदी के लिए आने वाला समय ठीक नहीं है और उन्हें वर्तमान से भी ज्यादा मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ेगा। जी हां, अगर महाराष्ट्र के जलगांव जामोद तहसील के भेंडवाल गांव की 350 साल पुरानी भविष्यवाणी करने वाली विद्या का विश्वास किया जाए तो यह साल मोदी के लिए बहुत ही कठिनाईयों भरा साबित होने वाला है। यही नहीं देश के लिए भी वित्तीय संकट का समय आ सकता है, देश में महामारियां और बीमारियां फैलने का खतरा होगा। 350 साल पहले इस प्रथा की शुरुआत करने वाले चंद्रभान महाराज के उत्तराधिकारयों शरांगधर और पंजाजी महाराज ने ये भविष्यवाणियां की हैं। भविष्यवाणी के अनुसार ‘देश में सुरक्षा तंत्र को लेकर सालभर तनाव की स्थिति रहेगी, पड़ोसी देशों से हमलों का खतरा लगातार बना रहेगा। लोग प्रधानमंत्री मोदी की छवि बिगाड़ने में लगे रहेंगे और पीएम तनाव में रहेंगे। हालांकि, सरकार पर कोई खतरा नहीं है और न ही दोबारा चुनाव का कोई संकेत है।’ आप शायद ही विश्वास करें लेकिन बुलधाना बुलधाना जिले में जलगांव जामोद तहसील के भेंडवाल गांव में भविष्य बताने की प्राचीन प्रथा घाट मंदानी आज से 350 साल पुरानी परंपरा है। इस विद्या से भविष्य बताने के लिए अक्षय तृतीया (आखा तीज) की शाम 18 तरह के अनाज तथा खाद्य सामग्री से भरे मटके जमीन में अंडाकार खड्डा खोद कर उसमें दबा दिए जाते हैं। अगली सुबह भविष्यवाणी करने वाले लोग गड्डा खुदवाकर इन वस्तुओं पर प्रकृति के असर को देखते हैं और फिर उसी आधार पर अगले वर्ष के लिए भविष्यवाणी की जाती है। शरांगधर और पंजाजी महाराज अपने आप को ‘प्रकृति के मूड बताने वाला’ कहते हैं। अन्य भविष्यवक्ताओं की तरह वे किसी यंत्र अथवा अन्य किसी चीज का इस्तेमाल नहीं करते हैं। आसपास के गांवों के किसान उनकी भविष्यवाणियों पर विश्वास करते हैं और उन्होंने उन्हें महाराज की उपाधि भी दी है। महाराज बताते हैं कि भविष्यवाणी के लिए मटकों को जमीन में गाड़ने के लिए खुदाई से एक रोज पहले महाराज खुद नहीं खाते। वे जमीन में दबे खाद्य पदार्थों पर पूरी रात हुए प्रकृति के असर को देखते हैं और वर्षा तथा समाज, देश से जुड़ी बातों की भविष्यवाणी करते हैं।

Advertisements