एक ऐसा इंसान है, जिसे दुनिया के सबसे खुश इंसान का तमगा हासिल है। वैज्ञानिकों के अनुसार तिब्बत के रहने वाले 69 वर्ष के बौद्ध संत मैथ्यू रिचर्ड दुनिया के सबसे खुशहाल व्यक्ति हैं। मूल रूप से फ्रांस के निवासी मैथ्यू रिचर्ड के दिमाग का 12 साल तक अध्ययन किया गया। अध्ययन में जो सामने आया उसने वैज्ञानिकों को चौका दिया।

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विस्कॉनसिन यूनिवर्सिटी के एक मनोवैज्ञानिक डेविडसन ने मैथ्यू के दिमाग की 256 सेंसर्स की मदद से जांच की। जांच में पाया गया कि ध्यान के दौरान मैथ्यू के दिमाग में अस्वाभाविक रूप से एक प्रकाश मौजूद होता है। साथ ही दिमाग से चेतना, ध्यान, सीखने की क्षमता और स्मृति से जुड़ी गामा तरंगों के एक स्तर का उत्पादन होता है, जो मैथ्यू को असामान्य रूप से खुश रहने की क्षमता प्रदान करता है। इस संबंध में मैथ्यू का मानना है कि कोई भी इंसान खुश रह सकता है, बशर्ते हर कोई ‘मैं, मैं और सिर्फ मैं’ कहना छोड़ दे और स्वार्थी न बने। प्रतिस्पर्धी सोच नकारात्मकता, तनावपूर्ण स्थिति की ओर ले जाती है।

हर किसी को उदारवादी रवैया अपनाने की जरूरत है, इसका मतलब यह नहीं कि किसी दूसरे को आप अपना फायदा उठाने दें। खुश रहना एक कला है, जिसे मैडिटेशन के जरिए हासिल किया जा सकता है।

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