भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कालेधन, आतंकवाद और नकली करेंसी के खिलाफ कल निर्णायक फैसले में 500 तथा 1000 रूपए के नोटों को बंद करने का ऐलान किया जिसके बाद में देश के लोगो पर काफी प्रभाव पड़ा। नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार आधी रात से ये नोट बंद करने का ऐलान किया था, उन्होंने देश के नाम अपने संदेश के दौरान कहा था की “मंगलवार रात 12 बजे से 1000 रुपये और 500 रुपये के नोट वैध नहीं होंगे और ये नोट कागज के टुकड़े रह जाएंगे और उनका कोई मूल्य नहीं होगा।”, प्रधानमंत्री ने आगे अपने भाषण में आगे कहा की “लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकों और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं. कुछ कारणों से जो लोग 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट 30 दिसंबर तक जमा नहीं करा सकेंगे, वे लोग पहचान पत्र दिखाकर 31 मार्च, 2017 तक नोट बदलवा सकेंगे. 9 नवंबर को बैंकों में पब्लिक डीलिंग नहीं होगी,  कुछ जगहों पर अगले दो दिनों तक एटीएम काम नहीं करेंगे.अस्पतालों, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों एवं सीएनजी गैस स्टेशनों, रेल यात्रा टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट रहेगी. दुग्ध बिक्री केंद्रों, पेट्रोल एवं सीएनजी स्टेशनों आदि को स्टॉक एवं ब्रिकी का रजिस्टर रखना होगा. अस्पताल में अगले 72 घंटे तक यह छूट उपलब्ध है. नए नोटों की आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए पहले कुछ दिनों में प्रतिदिन 10,000 रुपये और प्रति सप्ताह 20,000 रुपये की सीमा होगी. बाद के दिनों में यह सीमा बढ़ाई जाएगी।”

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लोगों को अपने किसी भुगतान में परेशानी न हो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा की “बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा।”, इस प्रकार से देखा जाए तो भारत के प्रधानमंत्री का लिया यह फैसला वेहद सकारात्मक और देश के लिए अच्छा है, सोशल मीडिया पर यह खबर कई दिन से चल रही थी की अब RBI नै करेंसी जारी होगी और सोशल मीडिया पर आने वाली करेंसी की कई तस्बीरे भी वायरल हो रही थी जिनमें 2000 के नोट की तस्बीर भी थी, उस समय से ही कई लोगों ने करेंसी के कुछ नोट बंद होने के कयास लगाने शुरू कर दिए थे।

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