सोशल मीडिया पर आजकल एक सिक्का चर्चा में है. सिक्का भी बेहद खास है करीब 412 साल पुराना बताया जा रहा है. दावा तो ये है कि ये सिक्का मुगल शासक अकबर के वक्त का है लेकिन वायरल होने के पीछे वजह ये है कि बताया जा रहा है सिक्के में राम और सीता के साथ कुरान की आयतें भी लिखी हैं. चलिए देखते हैं इस कहानी का सच क्या है?अकबर ने जजिया कर हटाकर जो अनोखा कदम लिया था उसकी बदौलत बनी छवि उसे बाकी मुगल शासकों से अलग बनाती थी और उसे धर्मनिरपेक्ष शासक के तौर पर पेश करती थी. अब अकबर से जुड़ी यही बात सोशल मीडिया पर चर्चा बनी हुई है चर्चा के पीछे है ये सिक्का जो 412 साल पुराना बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर ये सिक्का हर फेसबुक पेज पर घूम रहा है घूमते घूमते शायद आप तक भी पहुंचा हो. दावा है कि ये सिक्का मुगलशासक अकबर के जमाने का है.

अब इस सिक्के को गौर से देखिए जिसमें एक तरफ तीर कमान लिए एक पुरुष और उसके पीछे एक महिला है जिसे हिंदू धर्म के भगवान राम और सीता बताया जा रहा है और सिक्के के दूसरी तरफ अरबी भाषा में कुछ लिखा है जिसे मुस्लिम धर्म की किताब कुरान की आयतें बताया जा रहा है. तस्वीर के साथ एक मैसेज भी वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है कि

ये सिक्का अकबर का चलाया हुआ है, जिसमे एक तरफ अरबी में कुरान की आयत और दूसरी तरफ राम सीता की तस्वीर अंकित हैं. लोग इस तस्वीर को देखकर अकबर के काल में हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल दे रहे हैं. लेकिन सवाल ये है कि क्या वाकई ये सिक्का अकबर के जमाने का है? सच जानने के लिए एबीपी न्यूज ने वायरल तस्वीर की पड़ताल की.

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सिक्के की असली कहानी जानने के लिए एबीपी न्यूज ने जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर और इतिहासकार हरबंस मुखिया से बात की. हरबंस मुखिया ने ‘द मुग़ल ऑफ़ इंडिया’ शीर्षक से किताब भी लिखी है. प्रोफेसर हरबंस ने हमें बताया कि इस सिक्के में ना तो हैरान करने वाली कोई कहानी है और ना ही नकली है. सच है एक तरफ राम सीता के चित्र हैं दूसरी तरफ लिखा है अमर दाद ये बना है सिक्के पर राम सीता है नई बात नहीं है अकबर हर धर्म का सम्मान करता था.

हरबंस मुखिया ने एबीपी न्यूज पर इस बात का सबूत भी दिया कि ये सिक्का अकबर के काल का ही है. सिक्के के दूसरी तरफ अरबी भाषा में जो लिखा है वो अकबर के शासन काल की शताब्दी है. जिसके तहत दूसरी तरफ अम्र दाद, यानि 50 इलाही सन 50 इलाही जो अकबर ने बनाया था इंग्लिश 1604 और 1605 के बीच में. अकबर के शासन काल का आखिरी साल था. हमने ये भी जानने की कोशिश की इस सिक्के के इस वक्त वायरल होने के पीछे क्या वजह हो सकती है?

हरबंस मुखिया ने कहा कि वो कह नहीं सकते कि इस सिक्के की तस्वीर अब क्यों वाइरल हो रहा है. लेकिन बहुत मुमकिन है कि आजकल जैसा माहौल चल रहा है जब हिंदू और मुस्लिम एक दूसरे के बरख़िलाफ़ खड़ा किया जा रहा है. इस माहौल में किसी ने ये सिक्का डाल दिया हो कि ये भी एक पहलू हिंदू और मुस्लिम के रिश्तों का. इसको भी नज़रअन्दाज़ नहीं किया जा सकता है.

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