बिहार के गोपालगंज के बैकुंठपुर में मजहब पर आस्था भारी पड़ रहा है.इस प्रखंड के करीब 14-15 गांवों में करीब दो सौ मुस्लिम परिवार इस बार छठ कर रही है. गोपालगंज के बैकुंठपुर के सिरसा, शंकरपुर, पुराना टोला, रेवतीथ सहित ऐसे कई गांव हैं जहां के मुस्लिम परिवारों के घरों में छठ हो रहा है. करीब दो सौ मुस्लिम परिवार यहां छठ व्रत करने के साथ साथ कौमी एकता का मिशाल पेश कर रहे है. सबरा बेगम और खुशबुन बेगम की माने तो उन्होंने छठी मइया से मन्नत मांगी थी. मन्नत पूरा होने पर वे छह साल से लगातार छठ कर रहीं हैं.

aa.jpgनजरा बेगम ने छठी मइया से पुत्र मांगा था और मन्नत पूरा होने पर वह छठ करने लगी. मुस्लिम महिलाओं की छठी मइया ( सूर्य की अराधना) के प्रति आस्था देश में कौमी एकता का मिशाल बना हुआ है, वहीं मजहब के नाम पर सियासत करने वाले और समाज को बांटने की साजिश करने वालो के चेहरे पर यह करारा तमाचा भी है. खुशबुन बेगम का भी कहना है कि वो छह साल से छठ कर रही हैं. उनकी बेटी की तबीयत खराब रहती थी लेकिन मन्नत मांगने के बाद उसकी तबीयत ठीक हो गई और तब से वो छठ करती आ रही हैं. छठव्रती सबरा बेगम ने प्रदेश 18/ईटीवी से बात करते हुए कहा कि मन्नत पूरा होने पर वो पिछले 6 साल से छठ कर रही हैं. और आगे भी करेंगी.

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