एक युवक को ऐसी लत लगी कि वह दिन में एक छिपकली खा जाता है। इसके बिना वह छटपटाता है। पिछले 13 सालों से इतने जहरीले जीव-जंतु उसने खा लिए कि अब शरीर भी जहरीला हो गया। ग्रामीण अचरज में हैं… घर वाले परेशान।

28 वर्षीय नयन पिता मथुरालाल 15 वर्ष की उम्र से छिपकली और बिच्छू खा रहा है। उसने बताया कि मोहल्ले में एक कुत्ता व उसका पिल्ला आते-जाते उस पर भौंकते थे। गुस्से में आकर उसने दोनों को पकड़कर काट लिया। दावा किया कि पिल्ला कुछ घंटे बाद और कुत्ता तीन दिन बाद मर गया। इस वजह से घर पर अब उसे खाने-पीने सहित किसी भी वस्तु को परिजन हाथ नहीं लगाने देते। उसके लिए बर्तन, कपड़े, बिस्तर सभी सामान अलग रखे है। नयन शराब पीने का आदी भी है।

नहीं खाए तो काम नहीं करते हाथ-पैर
नयन का दावा है कि वह कभी बीमार नहीं हुआ, परंतु किसी दिन छिपकली का सेवन नहीं करता तो उसके हाथ-पैर काम करना बंद कर देते हैं। सिर दर्द होने लगता है। उसने बताया कि वह शाम के समय ज्यादा छिपकली खाता है। इसके लिए वह गांव के मंदिरों में छिपकली तलाशता है। नयन ने बताया कि वह लोगों के पालतू जानवरों को चराने जंगल में जाता था। पेट की भूख मिटाने के लिए वह जीव-जंतुओं को चबा जाता था। अब उसको इसकी लत लग गई है। बिच्छु के काटने से उसे कुछ नहीं होता। उसका कहना है कि सांप का स्वाद उसने कभी नहीं चखा।

कोई नहीं करता शादी
परिजन के अनुसार उसकी इस आदत के कारण उसकी अब तक शादी नहीं हुई। कोई उसे लड़की देना पसंद नहीं करता। वह कहता है कि अब छिपकली-बिच्छू खाए बगैर वह नहीं रह सकता। नयन के परिवार में दो बड़े व तीन छोटे भाई और दो बहन व पिता हैं। मां की 3 वर्ष पूर्व मौत हो गई।

ड्रग नहीं मिलने पर ऐसा करते हैं
ऐसे व्यक्ति पहले सामान्य नशा करते हैं। तत्पश्चात वे ड्रग का सेवन करने लग जाते हैं। नहीं मिलने पर वे जहरीले जीव-जंतु या मल्हम आदि का उपयोग खाने में करने लगते हैं। प्रारंभिक तौर पर संबंधित की ब्लड रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

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