देश में नवरात्रों की धूम है और जगह-जगह खूबसूरत मेलों ने नवरात्र की चमक को और बढ़ा दिया है. माता भीमेश्वरी देवी के मंदिर पर लगने वाले नवरात्र में तो अश्व मेला भी अनौपचारिक रुप से शुरू हो गया है. हरियाणा के बेरी में स्थित इस मेले में हालांकि औपचारिकताएं अभी बाकी हैं और शुक्रवार को मुख्य मेले का शुभारंभ कर दिया जाएगा.

मेले में इस बार नुकरी नस्ल के घोड़ों की धूम है. दुल्हेड़ा गांव के रहने वाले सोनू का घोड़ा (जो कि नुकरी नस्ल का है) मिंटू और जुलाना के रहने वाले दीपक की घोडियां (मां-बेटी) आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.

सोनू के मुताबिक, अब तक उसके घोड़े पर पांच लाख तक की बोली लगाई जा चुकी है, लेकिन उनका इरादा अभी इस घोड़े को बेचने का नहीं है. इसके अलावा खेड़ी साध निवासी प्रदीप ने बताया कि वह लुधियाना से कुछ समय पहले साढ़े आठ लाख रुपए में घोड़ी लेकर आए थे. अब जबकि घोड़ी ने बच्ची को जन्म दे ही दिया है, तो वे इन दोनों को ही साथ में बेचना चाहते हैं. घोड़ी और उसकी बच्ची की कीमत 11 लाख रुपए रखी गई है.

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शुक्रवार को मेले में और अधिक कीमत के घोड़े आने की संभावना है. इस मेले में हरियाणा के साथ-साथ हिमाचल, पंजाब, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, यूपी, राजस्थान व कई और प्रदेशों से भी व्यापारी गधे-घोड़ों के मोल-भाव के लिए पहुंचे हैं. शान-ओ-शौकत का आलम ये है कि लग्ज़री गाडियों से भी महंगे घोड़े प्रदर्शन के लिए यहां लाए जाते हैं. मेले के अधिकारी इकबाल सिंह राठी ने कहा कि मेला पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है. नवरात्र के दो द्वितीय आने की वजह से अब मुख्य अश्व मेला शुक्रवार को होगा. इस मेले में विराट नाम का एक भैंसा खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. मुर्राह नस्ल का ये भैंसा कोहली से कम नहीं है और उनकी तरह ही ये भी अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा है. विराट के मालिक ने कहा कि अभी यह मात्र पांच महीने का है और करीब एक महीने पहले सिरसा के एक पशु व्यापारी ने इसकी 18 लाख रुपए कीमत लगाई थी. मगर अभी वह अपनी मां गंगा का दूध पी रहा है, इसलिए उन्होंने इसे नहीं बेचा. वह मेले में इसे प्रदर्शन के लिए लेकर आया है. अपनी मस्त चाल और सुंदर डील-डौल की वजह से विराट ने लोगों के दिलों को जीतने में कामयाबी पाई है

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