तमिलनाडु के सलेम में चलती ट्रेन के एक कोच की छत काटकर लुटेरे ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भेजी जा रही 340 करोड़ रुपए नकदी में से पांच करोड़ रुपए चुरा लिए. लुटेरों का यह दुस्साहस तब सामने आया, जब सलेम एक्प्रेस राज्य के सलेम से चेन्नई पहुंची. ट्रेन के यहां पहुंचने के बाद 226 पेटी में नकदी से भरी चार पेटी से छेड़छाड़ की बात पता चली. आईजीपी एम रामसुब्रमणि ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पांच करोड़ रुपए की चोरी हुई है.

नोटों से भरे 228 ट्रंक थे

आरबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रेन से 340 करोड़ रुपए फटी-पुरानी नकदी 226 पेटी में सलेम से चेन्नई भेजी जा रही थी. बैंक ने कोच में कथित तौर पर नोटों से भरे 228 ट्रंक लादे थे, जिनमें लगभग 340 करोड़ रुपए थे. लेकिन कुछ अधिकारियों का कहना है कि सारे सड़े-गले नोट थे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरबीआई ने रेलगाड़ी में एक कोच बुक कराया था. सलेम से चेन्नई पहुंचने के बाद लकड़ी की 226 पेटी में से चार पेटी में छेड़छाड़ पाई गई. नकदी पेटी से भरे तीन मालवाहक डिब्बों में एक का एयरवेंट टूटा हुआ पाया गया, जिससे संदेह है कि किसी ने छत की ऊपर से प्रवेश किया.

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आखिर कहां घुसे बदमाश?

पुलिस को संदेह है कि अपराधी सलेम-वृद्धाचलम खंड पर कोच में घुसे होंगे. यहां ट्रेन बिजली पर नहीं, बल्कि डीजल इंजनों पर चलती है. इससे लुटेरों के लिए ऊपर से रास्ता बनाना आसान हो गया होगा. माना जा रहा है कि लुटेरे सोमवार रात या मंगलवार तड़के कोच की छत काटकर उसमें घुसे होंगे, जब रेलगाड़ी विरुधाचलम पहुंची थी. एक अन्य कहानी के मुताबिक, लूट रेलगाड़ी के सलेम से चलने के तत्काल बाद और विरुधाचलम पहुंचने के पहले हुई, क्योंकि इस रेलमार्ग पर विद्युतीकरण नहीं हुआ है. विरुधाचलम और चेन्नई के बीच रेलमार्ग पर विद्युतीकरण हो चुका है.

पुलिस सुरक्षा के बावजूद चोरी कैसे हुई?

पुलिस ने बताया कि वे कई एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं कि नकदी के लिए मुहैया करायी गई पुलिस सुरक्षा के बावजूद चोरी कैसे हुई. पेटी में 2005 से पहले की नकदी के साथ ही मैली फटी मुद्रा भी थी.

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