पाकिस्तान मे हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बीती रात करीब साढ़े दस बजे उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में आतंकियों ने 46 राष्ट्रीय रायफल्स के कैंप और बीएसएफ कैंप को निशाना बनाकर एक फिदायीन हमला किया गया जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। हालांकि इस हमले में एक जवान भी शहीद हुआ है, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया है। घायल जवान का बारामुला के आरआर अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह दोनों जवान बीएसएफ के हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक हमलावर भागने में सफल हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और किरण रिजिजूू समेत जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने इस हमले को लेकर चिंता जताई है। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि देश की सेना हर हमले से निपटने में सक्षम है। भाजपा के सांसद शाहनवाज हुसैन ने भी इसे पाक की कायरतापूर्ण हरकत करार दिया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है।

aa2.jpg

दो तरफ से हुआ आतंकी हमला

जानकारी के मुुताबिक यह फिदायीन हमला दो तरफ से किया गया। एक हमला नदी के रास्ते से कैंप के पीछे किया गया जबकि दूसरा हमला मेन गेट से अंदर घूसने के लिए किया गया। इस हमले की खबर मिलते ही एनएसए अजित डोभाल ने घटनास्थल से हमले की जानकारी ली और राजनाथ को इसकी सूचना दी। इसके अलावा डोभाल ने जम्मू कश्मीर में सेना के आला अधिकारियों से भी बात की है।

अब तक क्या हुआ

इस मुठभेड़ में शहीद हुए जवान की पुष्टि उत्तर प्रदेश के प्रदीप कुमार के तौर पर हुई है। वहीं वहीं उत्तर प्रदेश केे ही रहने वाले पवन कुमार इस हमले में घायल हुए हैं। यह दोनों ही बीएसएफ के जवान हैं।

झेलम के जरिए भागे बारामुला के नापाक हमलावर, सेना को मिलीं कई अहम चीजें

सेना ने पूरे इलाके को घेरा

रात साढ़े दस बजे हुए हमले के बाद करीब 12.30 बजे तक गोलीबारी होती रही। इसके बाद 15 मिनट के लिए गोलीबारी रुकी लेकिन थोड़ी देर बाद फिर गोलीबारी की आवाजें आई। हालांकि, अभी यह तय नहीं हो पाया हो पाया कि यह गोलीबारी किसकी तरफ से हुई। क्योंकि, सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान भी ऐसी फायरिंग होती रहती है। इस हमले के बाद सेना और बीएसएफ के जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है। आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

aa3.jpg

उड़ी के बाद बारामुला में हुए आतंकी हमले पर ये है डिफेंस एक्सपर्ट की राय

सुरक्षा एजेंसियों के पास थी हमले की जानकारी

सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि आतंकवादियों के जम्मू कश्मीर में मौजूद स्लीपर सेल कई सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले कर सकते हैं। जिनमें बारामुला भी शामिल था। इस वजह से वहां पर सावधानियां बरती जा रही थी यही कारण है कि फिदायीन हमलावर सेना के कैंप के अंदर घुुस नहीं पाए और बड़ा नुकसान नहीं कर पाए।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बेहोशी की हालत में पाकिस्तान: रक्षा मंत्री

पहले भी बनाया गया है सेना के कैंप को निशाना

मालूम हो कि आतंकियों ने इस साल कई बड़े हमले किए हैं। पहला हमला 2 जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर हुआ था। इस हमले में सात जवान शहीद हुए थे। इसके बाद दूसरा बड़ा हमला 18 सितंबर की रात को उड़ी में हुआ था। जिसमें कैंप पर सो रहे फिदायीनों ने हमला कर दिया था इस हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद 29 सितंबर को भारतीय सेना के घातक कमांडो ने आतंकियों चार लांचिंग पैड पर हमला कर लगभग 50 आतंकियों को मार गिराया था।

 

Advertisements