भारत देश में अनेकों प्राचीन मंदिर है। हर मंदिर के निर्माण से जुडी अपनी एक कहानी है। इनमे से अनेक कहानियां ऐसी है जो हैरान करने वाली है। आज हम आपको एक ऐसे ही भव्य मंदिर के निर्माण की कहानी बता रहे है। इसके बारे में मान्यता है की इसका निर्माण एक ही रात में भूतों के द्वारा हुआ था। लेक‌िन, इस  मं‌द‌िर को देखने के बाद इस बात पर विश्वास कर पाना बड़ा मुश्किल होता है क्योंक‌ि यह मंद‌िर इतना व‌िशाल हैं क‌ि इस तरह का मंद‌िर बनवाने शुरू करें तो वर्षों लग जाएंगे लेक‌िन कथाएं और मान्यताएं तो यही कहती हैं क‌ि एक चमत्कार की तरह यह मंद‌िर रातभर में बनकर तैयार हो गया। आइए जानते है इस मंदिर के बारे में …..

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भोजेश्वर मंदिर, मध्यप्रदेश (Bhojeshwar Temple, Madhya Pradesh):-

भोजपुर (Bhojpur), मध्य प्रदेश कि राजधानी भोपाल से 32 किलो मीटर दूर स्तिथ है। भोजपुर से लगती हुई पहाड़ी पर एक विशाल, अधूरा शिव मंदिर हैं। यह भोजपुर शिव मंदिर (Bhojpur Shiv Temple) या भोजेश्वर मंदिर (Bhojeshwar Temple) के नाम से प्रसिद्ध हैं। भोजपुर तथा इस शिव मंदिर का निर्माण परमार वंश के प्रसिद्ध राजा भोज (1010 ई – 1055 ई ) द्वारा किया गया था। इसका निर्माण अधूरा क्यों रखा गया इस बात का इतिहास में कोई पुख्ता प्रमाण तो नहीं है पर ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर एक ही रात में निर्मित होना था परन्तु छत का काम पूरा होने के पहले ही सुबह हो गई, इसलिए काम अधूरा रह गया। इस मंदिर कि विशेषता इसका विशाल शिवलिंग हैं जो कि विशव का एक ही पत्थर से निर्मित सबसे बड़ा शिवलिंग (World’s Tallest Shiv Linga) हैं। सम्पूर्ण शिवलिंग कि लम्बाई 5.5 मीटर (18 फीट ), व्यास 2.3 मीटर (7.5 फीट ), तथा केवल लिंग कि लम्बाई 3.85 मीटर (12 फीट ) है।

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