पीओके में भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक में कई आतंकियों के ठिकानों को तबाह करने पर कै. सौरभ कालिया व विक्रम बतरा के परिजनों ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि सेना का यह कदम सराहनीय है, उन्होंने कहा कि भले ही इस कदम को उठाने में कुछ देरी हुई हो, लेकिन जो अब हुआ वे उचित कदम है। कारगिल युद्ध के पहले शहीद कै. सौरभ कालिया के पिता डॉ. एनके कालिया ने कहा कि भारतीय सेना व सरकार का यह कदम काबिलेतारीफ है।

डॉ कालिया का कहना है कि पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जबाव दिया जाना चाहिए था। पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा ही कदम काफी पहले उठा लिया जाना चाहिए था। क्योंकि पाकिस्तान ऐसी ही भाषा को समझता है। उन्होंने कहा कि इस कदम के लिए वह नेता भी बधाई के पात्र है, जिन्होंने इस कदम को उठाने के लिए सेना हरी झंडी दी।

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बतरा के पिता जीएल बतरा का कहना है कि पाकिस्तान के खिलाफ यह सही कदम है। ऐसा कदम अगर काफी पहले उठा लिया गया होता, तो शायद उड़ी या पठानकोट की घटनाएं न होती। पाकिस्तान हमेशा ही शांति के खिलाफ है। जो देश शांति ही नहीं चाहता हो, उसके खिलाफ उसी भाषा का प्रयोग होना चाहिए, जो वह प्रयोग करता हो।

 

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