ये पंक्तियां वाकई में हमारे देश की सटीक छवि को पेश करती हैं. कुछ दिनों पहले कश्मीर के उरी सेक्टर में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस शर्मनाक वारदात में हमारे 18 जवान मादरे-हिन्द के लिए शहीद हो गये. इन शहीदों के परिवारों की मदद के लिए पूरा देश आगे आया. बड़े-बुजुर्ग हों या स्कूली बच्चे, सबके मन में इन परिवारों की सहायता करने की कसक उठी थी. इसी तरह की एक घटना देखने को मिली, मध्य प्रदेश के धार जिले में. धार क्षेत्र के एक निजी स्कूल के बच्चों ने अपने गुल्लकों को फोड़ कर एकत्रित हुई धनराशि को शहीदों के परिजनों की मदद के लिए भेजा है.

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एक सरकारी कार्यक्रम में इन बच्चों ने कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंच कर कलैक्टर महोदय श्रीमन शुक्ला को चेक सौंपा. स्कूल के संचालक सोमेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी बच्चों ने एक साथ मिल कर इस पहल का सुझाव रखा था. यह स्कूल शेरगढ़ नामक गांव में स्थित है.

सभी बच्चों ने जेब खर्च से अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं को पूरा करने के लिए जमा किये इन पैसों को जवानों के परिवारों की मदद करने की बात पर एक पल भी बिना सोचे, गुल्लक तोड़ डाले. अनाहिता नाम की एक नन्हीं छात्रा ने अपने गुल्लक से 5,400 रुपये की राशि सहयोग के रूप में दी.

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इस विद्यालय के सभी गुरुजनों ने भी अपने एक-एक दिन का वेतन इस सहायता कोष में जमा किया. विद्यालय के बच्चों ने मिल कर अपने आस-पास के क्षेत्र के रहवासियों से भी सहायता राशि एकत्रित की.

आपको बता दें, पिछले वर्ष चेन्नई में आई भीषण बाढ़ के समय भी पीड़ितों की मदद के लिए इस स्कूल के छात्र-छात्राएं आगे आए थे.

बच्चों के इस जज़्बे की स्थानीय कलैक्टर ने काफ़ी सराहना की. देश का हर आम नागरिक जिस तरह से इस हमले के बाद एकजुट खड़ा नज़र आया, इसे देख कर वाकई ख़ुशी होती है. किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र की सम्प्रभुता की रक्षा के लिए मुसीबत की घड़ी में उसके नागरिकों का एकजुट होना, देश के लिए वाकई एक गर्व की बात है.

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