देखा जाए तो भारत में बहुत से ऐसे स्थान हैं जहां की वस्तुये भले ही काफी पुराने समय की हो पर आज भी वे वैज्ञानिको के लिए आश्चर्य का विषय बनी हुई हैं, आज हम आपको भारत की ही एक ऐसी जगह के बारे में जानकारी देने जा रहें है। यह जगह भारत के दक्षिण भाग में स्थित है और यहां पर रखा एक पत्थर आज वैज्ञानिकों के आश्चर्य का कारण बना हुआ है। लोग इस पत्थर के बारे में आज तक यह नही समझ पाएं हैं की यह पत्थर प्रकृति ने यहां रखा है या फिर किसी व्यक्ति द्वारा यहां रखा गया है। आइये जानते हैं इस पत्थर के बारे में।

stone.jpg

 

बहुत प्राचीन है यह पत्थर –

 

इस पत्थर को काफी प्राचीन माना गया है, इस पत्थर की जांच से यह पता लगा है की यह पत्थर करीब 1200 साल पुराना है। यह पत्थर बहुत ही अजेवोगरीव तरीके से दक्षिण भारत के महाबलीपुरम में रखा हुआ है। इस पत्थर की चौड़ाई 5 फ़ीट तथा ऊंचाई 20 फ़ीट है। 1908 में इस पत्थर पर उस समय के तत्कालीन गवर्नर की नजर पड़ी तो उसको लगा की यह पत्थर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है इसलिए उसने इस पत्थर को उसके स्थान से हटवाने के लिए 7 हाथियों से खिंचवाया पर यह पत्थर अपनी जगह से 1 इंच भी नही खिसका। लोग इस पत्थर को “कृष्ण की मक्खन गेंद” भी कहते हैं क्योंकि उनका मानना है की यह पत्थर मक्खन की गेंद है जिसको कृष्ण ने अपनी बाल्य अवस्था में नीचे गिरा दिया था।

Advertisements