सिंघनपुर गुफा का तिलस्म टूटने की जगह और मजबूत होता जा रहा है। गुफा में खजाना होने की कहानी पर विश्वास कर जो भी इस खजाने तक पहुंचने की कोशिश करता है, उसे ऐन-केन-प्रकरेण जान से हाथ धोना पड़ता है। अब तक चार लोगों की मौत इस गुफा में खजाने की तलाश के दौरान हो चुकी है। इन घटनाओं के बावजूद किसी भी जांच एजेंसी ने इस रहस्य को तोड़ने का प्रयास नहीं किया है। यही कारण है कि सिंघनपुर गुफा को लेकर कई तरह की कहानियां क्षेत्र में फैली है।
मानव सभ्यता के विश्वास को रेखांकित करने वाले शैलचित्रों के चलते सिंघनपुर गुफा को पहचान मिली लेकिन अंग्रेजों के जमाने से ही यह गुफा हर खासो-आम की दिलचस्पी का केन्द्र खजाने को लेकर रही है। किंवदंतियों में इस गुफा को जहां साधुओं के अखाड़े के रूप में स्थान मिला है। वहीं यह बात भी प्रचलित है कि गुफा में खजाना है।

si 2.jpg

कहते है कि जो भी व्यक्ति इस खजाने को हासिल करने की मंशा से गुफा में प्रवेश करता है, उसका जिंदा लौट पाना नामुमकिन है। अंग्रेज अफसर राबर्टसन से लेकर रायगढ़ राजघराने के राजा लोकेश बहादुर सिंह की अस्वाभाविक मौत ने गुफा के संबंध में बनी धारणा को मजबूत करने का ही काम किया है। सिंघनपुर गांव के लोगो का कहना है कि यह संतो का अखाडा रहा है। आध्यात्मिक ऊंचाईयों को स्पर्श कर चुके ये संत अदृश्य रूप से आज भी गुफा में साधनारत है। बुरी नीयत से गुफा में प्रवेश करने वालों को यही दंड देते है लेकिन जो भी व्यक्ति सहज रूप से यहां जाता है, उसे कभी क्षति नहीं पहुंची। गुफा में मौजूद मधुमक्खियों को अदृश्य संतो का अनुचर मानने वाले ग्रामीणों की भी कमी नही है। सिंघनपुर गुफा के बारे में पूछे जाने पर यहां के पुजारी प्रदीप शर्मा बताते है कि अब तक चार लोगो की मौत खजाने की तलाश के दौरान होने की बात ग्रामीण कहते है। कुछ ग्रामीण यहां संतो को देखे जाने का भी दावा करते है। लेकिन यह बात पूरे क्षेत्र में फैली है कि यहां कोई गुप्त खजाना है,जो संभवत: किसी राजा का है और इसे हथियाने का जो भी व्यक्ति प्रयास करेगा, उसकी मृत्यु निश्चित है। सिंघनपुर गुफा के चौकीदार ईश्वर का भी कहना था कि यह गुफा तिलस्मी है। वहीं एक ग्रामीण समार सिंह का कहना था कि जो भी व्यक्ति गुफा देखने जाता है, उसे वे लोग इस बात की चेतावनी जरूर देते है कि शारीरिक और मानसिक रूप से शुध्द होकर ही गुफा की ओर जाएं।
बहरहाल आज के वैज्ञानिक युग में जब हर तिलस्म को तोड़ने की कोशिशें जारी है तब भी सिंघनपुर गुफा के रहस्यों को बेनकाब करने की सरकारी कोशिशें शुरू तक नहीं हो सकी है। गुफा आज भी रहस्य का लबादा ओढ़े पर्यटकों को आकर्षित करती है। जरूरत है कि सिंघनपुर गुफा के अनुसंधान के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास शुरू हो ताकि किंवदंतियों के आवरण से इसे मुक्ति मिल सके।

Advertisements