सूरत का यह व्यापारी लेगा शहीदों के बच्चों का भविष्य सवारने की जिम्मेदारी

इस रविवार उड़ी में सैन्य शिविर में हुए दर्दनाक हमले में हमारे देश के 18 जवान शहीद हो गये. पूरा देश भावनात्मक आवेश में आकर पाकिस्तान पर हमला करने की बात कर रहा है. कुछ लोग कह रहे हैं, यही सही समय है बदला लेने का. इन सब बातों में केवल बदला और इंतकाम गूंजता नज़र आ रहा है. लेकिन इन सब मसलों के बीच उन 18 शहीदों के परिवार के भविष्य की रूपरेखा क्या होगी, इस पर ध्यान देने का समय लोगों को शायद कम ही मिल पाया.

दुनिया में हर किस्म के लोग मिल ही जाते हैं. जहां हर कोई इस समय बदले के बारे में सोच रहा था, वहीं गुजरात के सूरत में रहने वाले बिजनसमैन महेश सवानी ने आगे आकर शहीदों के बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने की बात कही है. महेश ने कहा है कि उड़ी हमले में हमारे जो 18 जवान शहीद हुए, उन सभी के बच्चों को वो अपने स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं.

महेश समाजसेवा के कार्यों में काफ़ी बढ़-चढ़ कर कर हिस्सा लेते हैं. इन्होंने यह भी कहा कि यहां बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके रहने और बाकी खर्चों की जिम्मेदारी भी वो उठाने को तैयार हैं.

महेश को यह विचार तब आया जब वह घर पर टीवी देख रहे थे, जिसमें उड़ी हमले में शहीद हुए एक सैनिक के घरवालों को दिखाया जा रहा था. शहीद की बेटी रोते हुए कह रही थी कि ‘पापा हमेशा मुझे पढ़ने-लिखने के लिए कहा करते थे. वो चाहते थे कि मैं आगे चल कर एक सफल इंसान बनूं.’

टीवी पर यह सब देख कर महेश के मन में सभी शहीदों के बच्चों की पढ़ाई की ज़िम्मेदारी उठाने का ख्याल आया. उन्होंने सभी परिवारों से अपील की है कि वो अपने बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी का मौका उन्हें दें.

Source: smh

महेश इससे पहले भी कई समाजसेवा के कार्य कर चुके हैं. महेश अब तक 472 आर्थिक रूप से पिछड़ी लड़कियों को गोद लेकर उनकी शादी करवा चुके हैं. जब तक महेश जैसे व्यक्ति समाज में मौजूद है, तब तक समाज में सहयोग की भावना बनी रहेगी.

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s