दुनिया में तेल के भंडारों की कमी नहीं है। इसके बावजूद विमान के जो ईंधन चाहिए उस पर खतरा मंडराता जा रहा है और इनका ईंधन भी सीमित है। कहा जा रहा है कि बढ़ती आबादी और आए दिन विमान सेवाओं की उपलब्धता के कारण ईंधन की कमी जल्दी ही होने वाली है।

ऐसे में विमानों के वैकल्पिक ईंधन के लिए वैज्ञानिकों ने एक नया रास्ता खोज निकाला है। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है। इसमें उन्होंने यूकेलिप्टस से तेल निकालने का नया तरीका इजाद करने की बात कही है। ऐसा कहा गया है कि अब यूकेलिप्टस पेड़ों से विमान का ईंधन निकाला जा सकेगा।

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वैज्ञानिकों का दावा है कि दुनिया में कागज के यूकेलिप्टस के जितने पेड़ों का इस्तेमाल हो रहा है उतने की पेड़ों से विमान का ईंधन निकाला जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इतने पेड़ों से हवाईजहाज का ईंधन अच्छी खासी मात्रा में निकाला जा सकता है . ऑस्ट्रेलिया की नेशनल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कहा है कि वो ज्यादा ऊर्जा और कम कार्बन वाला तेल इन पेड़ों की मदद से निकाल सकते हैं। इस तेल का इस्तेमाल मिसाइल और जेट प्लेन में कर सकते हैं। इनका कहना है कि पूरे विश्व के हवाईजहाज के लिए पांच फीसद तेल इन पेड़ों से उलब्ध करा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि अगर पूरे विश्व में 2 करोड़ हेक्टयर में यूकेलिप्टस के पेड़ों को लगाया जाए तो पूरे विश्व के हवाईजहाज के लिए पांच फीसद तेल निकाला जा सकता है।

 

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